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CWC बैठक में राहुल गांधी का संदेश, बोले- पार्टी के कुछ लोग मुझ पर भरोसा करना शुरू करें

Kavita2
30 Sept 2026 9:48 AM IST
CWC बैठक में राहुल गांधी का संदेश, बोले- पार्टी के कुछ लोग मुझ पर भरोसा करना शुरू करें
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नई दिल्ली। कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की मंगलवार को हुई बैठक में कई राजनीतिक मुद्दों पर चर्चा के बीच राहुल गांधी का एक बयान खासा चर्चा में रहा। बैठक में मौजूद नेताओं से लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने कहा कि कांग्रेस के भीतर कुछ लोग अभी भी उनके साथ पूरी तरह खड़े नहीं हैं और उन्हें उन पर भरोसा करना शुरू कर देना चाहिए। राहुल के इस बयान के बाद बैठक में मौजूद नेताओं का ध्यान उनकी ओर केंद्रित हो गया।

राहुल गांधी ने बैठक में पार्टी नेताओं से कहा कि कांग्रेस को अपने राजनीतिक अभियान और रणनीति को लेकर आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से उन नेताओं का जिक्र किया जो पार्टी की मौजूदा राजनीतिक लाइन या उनके उठाए जा रहे मुद्दों को लेकर पूरी तरह आश्वस्त नहीं हैं। राहुल ने कहा कि ऐसे नेताओं को उन पर और पार्टी की रणनीति पर भरोसा करना शुरू करना चाहिए।

बैठक के दौरान राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह के साथ हाल में हुई एक बातचीत का भी उल्लेख किया। उपलब्ध रिपोर्टों के मुताबिक राहुल ने कहा कि उस बातचीत के दौरान उनसे भाजपा और भविष्य की राजनीतिक स्थिति को लेकर सवाल-जवाब हुए थे। उन्होंने इस प्रसंग का इस्तेमाल पार्टी नेताओं को यह समझाने के लिए किया कि कांग्रेस को अपनी राजनीतिक ताकत और भविष्य की संभावनाओं को लेकर संदेह नहीं करना चाहिए।

राहुल गांधी का यह बयान ऐसे समय आया है जब कांग्रेस चुनाव आयोग, मतदाता सूची और विशेष गहन पुनरीक्षण यानी SIR को लेकर केंद्र सरकार तथा भाजपा पर लगातार हमला कर रही है। CWC की बैठक में भी इन मुद्दों पर लंबी चर्चा हुई। कांग्रेस ने मतदाता सूची में कथित गड़बड़ियों और नाम हटाए जाने को लेकर सवाल उठाए तथा चुनावी प्रक्रिया में अधिक पारदर्शिता की मांग की।

राहुल गांधी ने बैठक में पार्टी नेताओं से यह भी कहा कि चुनावी मुद्दों पर कांग्रेस को केवल बयानबाजी तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि जनता के बीच जाकर अपने आरोपों और मांगों को मजबूती से रखना चाहिए। उनका जोर था कि पार्टी के सभी नेता एकजुट होकर अभियान चलाएं और संगठन के भीतर किसी तरह का भ्रम या अविश्वास न रहे।

बैठक में कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी राहुल गांधी के रुख का समर्थन किया। रिपोर्टों के अनुसार उन्होंने कहा कि पूरी पार्टी राहुल गांधी के साथ है और चुनाव से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस को एकजुट होकर संघर्ष करना चाहिए। इससे बैठक में संगठनात्मक एकता का संदेश देने की कोशिश भी की गई।

CWC की बैठक में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर भी कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाए। पार्टी ने मतदाता सूची में कथित बदलाव और SIR की प्रक्रिया पर आपत्ति जताई। कांग्रेस की ओर से मुख्य चुनाव आयुक्त के इस्तीफे की मांग भी उठाई गई। पार्टी का आरोप है कि मतदाता सूची में बड़े पैमाने पर बदलावों से चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता प्रभावित हो सकती है। चुनाव आयोग इन आरोपों से असहमति जताता रहा है और उसका कहना है कि प्रक्रिया कानून तथा निर्धारित नियमों के तहत संचालित होती है।

प्रियंका गांधी वाड्रा ने भी बैठक में चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दे को मजबूती से उठाने की बात कही। रिपोर्टों के मुताबिक उन्होंने कहा कि पार्टी को मुख्य चुनाव आयुक्त पर राजनीतिक और जन दबाव बढ़ाना चाहिए और इस मुद्दे को व्यापक आंदोलन का रूप देना चाहिए।

इसके अलावा वरिष्ठ नेता दिग्विजय सिंह ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ की संगठनात्मक ताकत और रणनीति का विश्लेषण करने की जरूरत बताई। बैठक में कांग्रेस के आगामी राजनीतिक कार्यक्रमों और विभिन्न राज्यों में विरोध प्रदर्शन की रणनीति पर भी चर्चा हुई।

राहुल गांधी का “मुझ पर भरोसा करना शुरू करें” वाला संदेश कांग्रेस के भीतर चल रही रणनीतिक चर्चाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। उनका संकेत उन नेताओं की ओर था जो उनके चुनावी अभियान और आरोपों को लेकर पूरी तरह सहमत या आश्वस्त नहीं हैं। राहुल ने पार्टी के भीतर विश्वास और एकजुटता पर जोर देते हुए कहा कि जब राजनीतिक प्रतिद्वंद्वी भी कांग्रेस को प्रमुख चुनौती के रूप में देखते हैं तो पार्टी नेताओं को खुद अपनी ताकत पर संदेह नहीं करना चाहिए।

CWC की बैठक में मतदाता सूची, चुनाव आयोग और आगामी राजनीतिक आंदोलन मुख्य मुद्दों के रूप में सामने आए। कांग्रेस ने इन विषयों पर देशभर में अभियान तेज करने की तैयारी के संकेत दिए हैं। पार्टी की योजना विभिन्न राज्यों में विरोध प्रदर्शन और रैलियों के जरिए अपने आरोपों को जनता तक पहुंचाने की है।

बैठक के बाद राहुल गांधी का बयान राजनीतिक गलियारों में चर्चा का विषय बन गया है। एक तरफ इसे पार्टी के भीतर आत्मविश्वास बढ़ाने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है, वहीं दूसरी ओर इससे यह भी संकेत मिलता है कि कांग्रेस के भीतर कुछ नेताओं के बीच रणनीति को लेकर मतभेद या संदेह मौजूद हैं। हालांकि कांग्रेस नेतृत्व ने सार्वजनिक रूप से संगठन की एकजुटता पर जोर दिया है।

अब कांग्रेस का फोकस चुनाव आयोग से जुड़े मुद्दों को लेकर अपने अभियान को और तेज करने पर है। CWC की बैठक में हुए विचार-विमर्श से यह साफ है कि पार्टी नेतृत्व आने वाले दिनों में मतदाता सूची और चुनावी प्रक्रिया को बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाए रखने की तैयारी में है। राहुल गांधी ने भी पार्टी नेताओं से यही संदेश दिया कि वे संगठन और नेतृत्व पर भरोसा रखते हुए एकजुट होकर आगे बढ़ें।

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